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दुर्ग-भिलाई में 55% घरों में लगे स्मार्ट मीटर ; खपत का पाई-पाई रिकॉर्ड अब मुट्ठी में

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दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)। 

दुर्ग-भिलाई शहरों में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ी प्रगति हुई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब तक शहर के आधे से अधिक घरों में अपनी जगह बना चुके हैं।

दुर्ग-भिलाई शहर के कुल 02 लाख 67 हजार 779 उपभोक्ताओं में से 01 लाख 46 हजार 70 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि शहर के लगभग 55 प्रतिशत घरों में आधुनिक स्मार्ट बिजली मीटर लग चुके हैं, जिससे वे नई व्यवस्था का सीधा लाभ उठाना शुरू कर चुके हैं। अब उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की पाई-पाई का रिकॉर्ड देख सकेंगे। हर आधे घंटे में कितनी यूनिट बिजली की खपत हुई, उसका रिकॉर्ड भी उपलब्ध होगा, जिससे विद्युत का किफायत से उपयोग करना संभव हो सकेगा।

 

स्मार्ट मीटर क्यों अनिवार्य?

विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी मीटरिंग कोड और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाए गए नियमों के पालन में प्रदेश के सभी निम्नदाब उपभोक्ताओं (कृषि पंपों को छोड़कर) के यहां पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलना अनिवार्य है। यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशों पर आरडीएसएस योजना (RDSS योजना) के अंतर्गत किया जा रहा है।

स्मार्ट मीटर के लाभ

स्मार्ट मीटर पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की तुलना में कई महत्वपूर्ण फायदे प्रदान करते हैं, जिससे बिजली उपभोक्ता और विभाग दोनों को लाभ होता है। अब मीटर रीडिंग के लिए किसी कर्मचारी के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्मार्ट मीटर से रीडिंग स्वतः ही सीधे विभाग को भेज दी जाती है, जिससे सटीक बिलिंग होती है और बिल में मानवीय त्रुटि की संभावना शून्य हो जाती है। स्मार्ट मीटर की सारी जानकारी ‘मोर बिजली’ ऐप पर कभी भी, कहीं भी देखी जा सकती है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को हर साल वसूली जाने वाली सुरक्षा निधि जमा करने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। भविष्य में सोलर रूफटॉप कनेक्शन लेने पर स्मार्ट मीटर लगे परिसरों में नेटमीटर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्य अभियंता का आग्रह: ‘मोर बिजली’ ऐप डाउनलोड करें

सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि सभी उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ (Mor Bijlee) ऐप को तुरंत डाउनलोड करें। इस ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी दैनिक खपत देख सकते हैं और बिल से संबंधित अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता मोबाइल नंबर अवश्य रजिस्टर कराएं क्योंकि मीटर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण अलर्ट (बिजली बंद की सूचना एवं अन्य विद्युत संबंधी सूचना) उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजे जाते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका वर्तमान मोबाइल नंबर बिजली विभाग के पास पंजीकृत हो।

निःशुल्क स्थापना और सहयोग की अपील

मुख्य अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाना पूरी तरह से निःशुल्क है। उन्होंने जीनस कंपनी एवं विद्युत विभाग की ओर से आ रहे कर्मचारियों को मीटर बदलने में पूरा सहयोग देने की अपील की, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जा सके और सभी उपभोक्ता स्मार्ट मीटर का लाभ उठा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीनस कंपनी के कर्मचारी यूनिफॉर्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। किसी भी उपभोक्ता को इन कर्मचारियों से कोई भी शिकायत हो तो संबंधित जोन या वितरण केंद्र के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

अधिक बिल आने का डर निराधार

मुख्य अभियंता ने यह भी बताया कि मीटर बदलने के कारण अधिक बिल आने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने समझाया कि जिस प्रकार नई तकनीकों के माध्यम से उपभोक्ता अपने बैंक अकाउंट का संचालन घर बैठे ही मोबाइल फोन के माध्यम से कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती, ठीक उसी प्रकार अब उपभोक्ता अपने विद्युत मीटर का संचालन, खपत एवं बिलिंग की सटीक एवं सही जानकारी की सुविधा मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल अपने सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य त्वरित गति से कर रही है और उपभोक्ता भी सहयोग कर रहे हैं एवं स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं।

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