
भिलाई (रवि कुमार भास्कर)।
13 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय रेडियो दिवस के अवसर पर नगर निगम भिलाई के नेहरू नगर भेलवा तालाब में हैप्पी ग्रुप के सदस्यों द्वारा एक संवादात्मक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भिलाई के नागरिकों ने पुराने रेडियो दिनों को याद किया और रेडियो के प्रति अपने अनुभव साझा किए।
नगर निगम भिलाई के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आज भी रेडियो की प्रासंगिकता बनी हुई है, विशेषकर प्रधानमंत्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के बाद, जिस से लोगों का रेडियो के प्रति रुझान और बढ़ा है। वहीं, डॉक्टर रवि कौरा ने बताया कि जब दूरदर्शन जैसे किसी टीवी माध्यम का कोई विकल्प नहीं था, तब रेडियो पर क्रिकेट और हॉकी की कमेंट्री सुनने के लिए लोग पान ठेलों पर खड़े हो जाते थे और दोनों दुनिया का आनंद लेते थे—एक ओर पढ़ाई, दूसरी ओर कमेंट्री।
बीएसपी के रिटायर्ड अधिकारी हरदयाल सिंह ने कहा कि विविध भारती और बरसाती भैया का कृषि का संदेश हमेशा याद रहता था, जो सभी के लिए दिन की शुरुआत में एक अनमोल हिस्सा हुआ करता था। प्रदीप डालमिया ने कहा कि रेडियो पर विभिन्न बैंड्स पर सुनने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम हुआ करते थे, यह एक खास जुनून था। बसंत चौबे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके दादाजी खेतों में रेडियो लेकर जाते थे और वहां से गांववालों को पूरे देश की खबरें सुनाते थे, और यह देख कर वे बहुत खुश होते थे।
इस कार्यक्रम में उद्योगपति सुभाष गुलाटी, सुबोध अग्रवाल, भारत विकास परिषद के सचिव जितेंद्र सिंह, डॉक्टर ललित पोपट, संजय भाटिया, तुलसी भमवानी, विवेक चतुर्वेदी, नरेश गुप्ता, सौरभ भारद्वाज, रमेश साहू, शैलेंद्र परिहार, राजकुमार भल्ला, एम राजू, एमपी सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






