जशपुर।
जशपुर पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी को मात्र 24 घंटे में सुलझाते हुए आरोपी अंकित मिंज को गिरफ्तार कर लिया। घटना में एक 15 वर्षीय नाबालिग भी शामिल था, जिसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। मामले में आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
19 दिसंबर 2024 को, चौकी करडेगा थाना तपकरा क्षेत्र के घांसीमुण्डा गायबेड़ा स्थित तालाब में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की पहचान बाद में ग्राम केरसई बड़ा बस्ती निवासी भूषण तिर्की (30 वर्ष) के रूप में की गई। मृतक के पिता लेयोस तिर्की ने मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया और शव की जांच के लिए उसे फारेंसिक अधिकारी से कराया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत को हत्या के रूप में दर्ज किया गया।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह द्वारा मामले की त्वरित जांच के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, थाना प्रभारी तपकरा, चौकी प्रभारी उपरकछार और सायबर सेल शामिल थे।अंकित मिंज की गिरफ्तारी
जांच में यह पता चला कि 14 दिसंबर 2024 को मृतक भूषण तिर्की अपने भतीजे का मोटर सायकल लेकर अपने दोस्त अंकित मिंज के घर जा रहा था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद, पुलिस ने अंकित मिंज को 20 दिसंबर को हिरासत में लिया।अंकित मिंज ने पूछताछ में बताया कि दोनों दोस्त शराब पी रहे थे, और इसी दौरान पेन ड्राइव को लेकर विवाद हुआ। गुस्से में आकर, अंकित ने भूषण को मारा और फिर उसकी हत्या कर शव को छिपाने के उद्देश्य से तालाब में फेंक दिया। इसके बाद, मृतक के मोटर सायकल को पुलिया के नीचे गिरा दिया और साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की।
नाबालिग आरोपी
मामले में एक 15 वर्षीय नाबालिग भी शामिल था। पुलिस ने किशोर से पूछताछ की और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया।
पुलिस टीम की सराहना
इस जघन्य अपराध का खुलासा 24 घंटे में कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के उत्कृष्ट काम को सराहा और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की।
गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया
आरोपी अंकित मिंज (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी के खिलाफ धारा 103, 238 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस टीम के योगदान
इस कार्यवाही में एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, चौकी प्रभारी उपरकछार रामनाथ राम, आर. 521 अमेश कु. साय, आर. 436 दिलीप खलखो, सै. 283 मुकेश साय, सउनि उमेश प्रभाकर (चौकी प्रभारी करडेगा), प्र.आर. 23 मुकेश कुमार (चौकी करडेगा), और सायबर सेल प्रभारी उप निरी. नसरूद्दीन अंसारी की टीम का सराहनीय योगदान रहा।










