-
कमान संभालते ही एक्शन में आईजी शांडिल्य: बोले- अधीनस्थ कर्मचारियों के आचरण पर रखें नजर, गंभीर अपराधों में FIR अनिवार्य।
भिलाई।
नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (IG) दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य ने मंगलवार को कार्यभार संभालते ही पुलिसिंग में कसावट लाने के निर्देश दिए हैं। दिनांक 27 जनवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष, भिलाई में आयोजित प्रथम बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने दुर्ग जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना/चौकी प्रभारियों से परिचय प्राप्त किया और पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
वित्तीय धोखाधड़ी पर नकेल: बनेगा संस्थानों का डेटाबेस
बैठक में वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) के मामलों को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने निर्देश दिया कि शहर के व्यावसायिक संस्थानों में ऐसी संभावित कंपनियों की पतासाजी की जाए। थाना स्तर पर ऐसी संस्थाओं का सर्वे और लिस्टिंग कर उनके लुभावने विज्ञापनों और स्कीमों की जानकारी एकत्रित करने को कहा गया है ताकि धोखाधड़ी को समय रहते रोका जा सके।
थाना प्रभारियों के लिए सख्त निर्देश
आईजी अभिषेक शांडिल्य ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण संपत्ति और शरीर संबंधी अपराधों में थाना प्रभारी अनिवार्य रूप से स्वयं एफआईआर (FIR) दर्ज करें। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों की गतिविधियों और उनके आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण
थानों में बड़ी संख्या में लंबित धोखाधड़ी के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए आईजी ने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निपटारा करने के आदेश दिए। नए कानूनी प्रावधानों के अनुसार, पंजीकृत प्रकरणों का 60 एवं 90 दिनों के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विजय अग्रवाल (उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला दुर्ग), मणीशंकर चन्द्रा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण), ऋचा मिश्रा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात), ममता देवांगन (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, IUCAW) सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी और थाना/चौकी प्रभारी मौजूद रहे।







