- 24 साल बाद भी महासमुंद में सिटी बस सेवा का इंतजार
महासमुंद।
महासमुंद शहर में सिटी बस सेवा नहीं होने से स्थानीय जनता, विशेषकर छात्र-छात्राएं और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग, गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि महासमुंद जिला बने 24 साल हो गए, लेकिन अब तक शहर को एक भी सिटी बस सेवा नहीं मिली है।
लंबे समय से महासमुंद शहर में परिवहन की समस्या को लेकर सिटी बस की मांग की जा रही है, लेकिन इस मांग को अब तक पूरा नहीं किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों और लोगों को विद्यालय, कॉलेज, शासकीय कार्यालयों और जिला अस्पताल तक पहुंचने में महंगा किराया देना पड़ता है। स्थानीय परिवहन सुविधा के अभाव में लोगों को मजबूरी में रिक्शा और ऑटो का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें ₹20 से ₹50 तक का अधिक खर्च होता है।
यह समस्या विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बहुत कठिनाई पैदा करती है। बस स्टैंड से कलेक्टोरेट, जिला पंचायत, जिला न्यायालय, बिजली ऑफिस, आरटीओ ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंचने में स्थानीय लोगों को दिक्कत होती है। इसके अलावा, महाविद्यालय, गाइड कॉलेज, बरौंडा बाजार, पशु चिकित्सालय कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईटीआई कॉलेज, और जिला अस्पताल जैसी जगहों तक पहुंचने में छात्रों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
नगर से 10-15 किलोमीटर दूर बसे ग्रामों में आवागमन के साधन नहीं होने से वहां के नागरिकों को भी भारी परेशानी होती है। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से महासमुंद क्षेत्र में 6 सिटी बसों की व्यवस्था करने की मांग की है।









