नई दिल्ली।
केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को वरिष्ठ आइएएस अधिकारी रतन यू केलकर की सचिव के रूप में नियुक्ति का पुरजोर बचाव किया है। यह नियुक्ति राज्य में एक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि केलकर हाल ही में हुए केरलम चुनावों के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अहम पद पर कार्यरत थे।
विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री का पलटवार
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने रतन यू केलकर की नियुक्ति को लेकर भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले केरलम में किसी भी राजनीतिक दल ने इस अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत या आरोप दर्ज नहीं कराया था।
रतन यू केलकर: एक कुशल और अनुभवी अधिकारी
मुख्यमंत्री सतीशन ने रतन यू केलकर को एक बेहद कुशल अधिकारी करार दिया। उन्होंने कहा कि केलकर के पास सरकार के विभिन्न विभागों में काम करने का उत्कृष्ट कार्य अनुभव है और उनकी इसी दक्षता को देखते हुए उन्हें सचिव पद के लिए चुना गया है। तबादले और नियुक्ति से जुड़े विवाद पर सवाल उठाते हुए सीएम ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है; अतीत में भी कई अधिकारियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करने के बाद सरकार में महत्वपूर्ण पदों का कार्यभार संभाला है।
क्या है संवैधानिक प्रक्रिया?
नियुक्ति प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति एक मानक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही की जाती है। इस प्रक्रिया के अनुसार, राज्य सरकार योग्य अधिकारियों के नामों की एक समिति (पैनल) प्रस्तुत करती है, और अंततः मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा ही अंतिम चयन किया जाता है।









