रामानुजगंज।
बलरामपुर के रामानुजगंज नगर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास की अधीक्षिका नेहा वर्मा ने आज सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी विद्यालय के अन्य स्टाफ को मिली, जिसके बाद तत्काल दरवाजा तोड़कर नेहा को फांसी से उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह 10:30 बजे के करीब विद्यालय के अन्य स्टाफ को नेहा वर्मा के फांसी लगाने की जानकारी मिली। तत्काल एकजुट होकर स्टाफ ने दरवाजा खोला और उन्हें नीचे उतारा, लेकिन अफसोस कि जीवन बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
कौन थीं नेहा वर्मा?
आत्महत्या करने वाली अधीक्षिका नेहा वर्मा, पिता संजय कुमार, उम्र 25 वर्ष, पटना बिहार की मूल निवासी थीं। उन्होंने पिछले वर्ष 27 जून 2024 को ही कन्या छात्रावास अधीक्षिका के रूप में पदभार ग्रहण किया था। विद्यालय के प्राचार्य राजू सिंह ने बताया कि नेहा स्वभाव से बेहद व्यवहार कुशल और अपने कर्तव्य के प्रति कर्मठ कर्मचारी थीं। उन्होंने कल रात तक भी अपना ड्यूटी का निर्वहन सामान्य रूप से किया था। सुबह तक वह ठीक-ठाक लोगों से बातचीत भी कर रही थीं, एकाएक हुई इस घटना से सभी हैरान और स्तब्ध हैं।
लगातार बजता रहा मोबाइल
घटना के बाद जब विद्यालय कर्मचारियों ने नेहा के शव को फांसी से उतारा, तो उनका मोबाइल लगातार बज रहा था। यह भी पता चला है कि इंस्टाग्राम के माध्यम से किसी युवक ने नेहा के दूसरे सहयोगी विद्यालय स्टाफ को इस घटना की सूचना दी थी। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और इंस्टाग्राम चैट की भी जांच कर सकती है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके।
45 दिन में पांचवीं आत्महत्या से चिंता
रामानुजगंज क्षेत्र में बीते 45 दिनों के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की यह पांचवीं घटना है, जो चिंता का विषय बन गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले इन सभी लोगों की उम्र 18 से लेकर 30 वर्ष के बीच है और सभी अविवाहित थे। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है ताकि इस गंभीर प्रवृत्ति के पीछे के कारणों को समझा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।









