15 सितम्बर 2026 |
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धर्मांतरण रैकेट का हुआ खुलासा

OM Darpan

Jul 26, 2025 08:10 am 424 views
धर्मांतरण रैकेट का हुआ खुलासा

  • देहरादून की युवती को दिल्ली ले जाने की थी तैयारी, पुलिस ने बचाई जान

आगरा। आगरा में धर्मांतरण के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस ने देहरादून की एक 21 वर्षीय युवती को रेस्क्यू कर शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। युवती के बयान दर्ज होने के बाद इस पूरे रैकेट का भयावह सच सामने आया है। आरोपियों ने फेसबुक के जरिए दोस्ती कर युवती का ब्रेनवॉश किया और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।

फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती रीना (काल्पनिक नाम), जो देहरादून की रहने वाली है और गोद ली हुई बच्ची है, इस मामले की मुख्य गवाह है। रीना ने पुलिस को बताया कि वह 6 साल पहले, 2019 में फेसबुक पर मुजफ्फरनगर निवासी अब्बू तालिब के संपर्क में आई थी। अब्बू तालिब ने धीरे-धीरे दोस्ती गहरी की और उसे 'Revert to Islam' नाम के इस्लामिक ग्रुप से जोड़ दिया। यहीं से वह दिल्ली निवासी मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान, उसके बेटे अब्दुल्ला और अब्दुल रहीम, देहरादून निवासी अब्दुर रहमान, एस.बी. कृष्णा उर्फ आयशा, रितबानिक उर्फ मौ० इब्राहिम, और अन्य आरोपियों के सीधे संपर्क में आई।

शादी का दबाव

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रीना का ब्रेनवॉश करने के लिए इस्लामिक विचारों का सहारा लिया। दिल्ली से पकड़े गए अब्दुल रहमान ने रीना से कहा कि अगर वह उन पर पैसे खर्च कराना चाहती है, तो उसे चार मुस्लिमों में से किसी एक की तीसरी या चौथी पत्नी बनना पड़ेगा। यह बात सुनकर युवती सन्न रह गई। कुछ समय पहले जब रीना का मोबाइल खराब हुआ, तो अब्बू तालिब ने उसे नया मोबाइल दिलाया, जिसके पैसे आयशा ने दिए थे। अब्बू तालिब ही मोबाइल का रीचार्ज कराता था और रीना को पार्सल से कपड़े व पैसे भी भेजता था। इस बीच, अब्दुर रहमान (देहरादून) ने रीना पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने रीना से कहा कि वे उसकी मदद तभी करेंगे जब वह इस्लाम धर्म अपनाकर उससे शादी करेगी। अब्दुर रहमान पहले से ही तीन निकाह कर चुका था। ये सभी आरोपी मिलकर रीना का निकाह अब्दुर रहमान से कराना चाहते थे।

कलमा पढ़वाकर रखा नया नाम

आरोपियों ने रीना पर पैसों का लालच देकर लगातार दबाव बनाया। अब्बू तालिब, अब्दुर रहमान (देहरादून), अब्दुल रहमान (दिल्ली) और आयशा ने मिलकर व्हाट्सएप के माध्यम से रीना को कलमा पढ़वाया। इसके बाद उसका नाम बदलकर 'मरियम' रख दिया गया।

सेफ हाउस ले जाने की थी तैयारी

कलमा पढ़ने के बाद आरोपियों ने रीना को देहरादून से निकालकर एक सेफ हाउस ले जाने की योजना बनाई। इसके लिए देहरादून के ही एक स्थानीय मुस्लिम चालक को गाड़ी के साथ तैयार रखा गया। रीना को सख्त हिदायत दी गई थी कि जैसे ही वह घर से निकले, गाड़ी में बैठने से पहले अपने मोबाइल और सिम कार्ड को तोड़कर फेंक दे। हालांकि, पुलिस की तत्परता से इस बड़ी साजिश का समय रहते पर्दाफाश हो गया और रीना को आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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