रायपुर (ओमदर्पण न्यूज़)।
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस मांग को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को NSUI के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और आयुष विश्वविद्यालय का घेराव करते हुए जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव फिर से शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई है।
कृषि विश्वविद्यालय में उग्र हुआ प्रदर्शन
इन तीनों विश्वविद्यालयों में से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्रदर्शन ने सबसे ज्यादा उग्र रूप ले लिया। यहां बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के मद्देनजर विश्वविद्यालय परिसरों में पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान बेकाबू होते हालातों को रोकने के प्रयास में NSUI कार्यकर्ताओं और पुलिस जवानों के बीच तीखी झूमाझटकी भी हुई। पुलिस की मुस्तैदी से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है।
छात्रों की आवाज बुलंद करने के लिए चुनाव जरूरी
इस प्रदर्शन के दौरान NSUI के प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल ने स्पष्ट किया कि संगठन की एकमात्र मांग प्रदेश में पिछले कई वर्षों से बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों को फिर से शुरू करना है। उन्होंने कहा कि छात्रहितों की आवाज को मजबूती से बुलंद करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए छात्रसंघ चुनाव का होना बेहद जरूरी है।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने शासन-प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है कि अगर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की उनकी मांग जल्द पूरी नहीं की गई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा। इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस उग्र प्रदर्शन में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, शांतनु झा, प्रशांत गोस्वामी, पुनेश लहरे और संकल्प मिश्रा सहित हजारों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता और छात्र नेता मौजूद रहे।






