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शौर्य गाथा से मिली प्रेरणा
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विरासत सहेजने पर दिया जोर
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दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी के केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने वीरांगना के अदम्य साहस को याद करते हुए उनके जीवन को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण करार दिया।
इतिहास भूलने वाले समाज पर संकट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो समाज अपने नायकों और गौरवशाली इतिहास को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य संकटग्रस्त हो जाता है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सांस्कृतिक चेतना को संरक्षित करना अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि रानी दुर्गावती का त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ बना हुआ है।
मुगल सेना से अंतिम सांस तक संघर्ष
वीरांगना के पराक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने घुटने टेकने के बजाय वीरगति को चुना। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय और रायपुर महापौर मीनल चौबे सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि उनके आदर्शों को अपनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा।










