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दुर्ग के गिरधारी नगर निवासी रितेश कुमार सोनी ने पेश की मिसाल
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मोबाइल ऐप पर हर घंटे की खपत देख नियंत्रित कर रहे बिजली बिल
दुर्ग। आधुनिक तकनीक के उपयोग से अब बिजली उपभोक्ताओं के लिए खपत पर नजर रखना और खर्च का प्रबंधन करना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। स्मार्ट मीटर और ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप उपभोक्ताओं को वास्तविक समय में बिजली उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराकर न केवल पारदर्शिता बढ़ा रहे हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक बचत के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
दुर्ग शहर के वार्ड क्रमांक 9, गिरधारी नगर निवासी रितेश कुमार सोनी इसका सफल उदाहरण हैं, जिनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल को लेकर होने वाली चिंता लगभग समाप्त हो गई है। रितेश बताते हैं कि पहले उन्हें पूरे महीने बिजली उपयोग का सही अनुमान नहीं लग पाता था और बिल आने के बाद ही वास्तविक खपत का पता चलता था।
मोबाइल पर दिख रही हर घंटे की खपत
स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब रितेश ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन और प्रति घंटे अपने घर की बिजली खपत की जानकारी आसानी से देख सकते हैं। ऐप पर यह स्पष्ट दिखाई देता है कि किस समय बिजली की खपत अधिक हुई और किस समय कम, जिससे वे अनावश्यक बिजली उपयोग की पहचान कर उसे तुरंत नियंत्रित कर लेते हैं। इससे बिल आने से पहले ही उन्हें खर्च का अनुमान हो जाता है।
पिछले साल से तुलना कर रहे ऊर्जा बचत
ऐप में पिछले वर्ष की समान अवधि की बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध रहती है, जिससे उपभोक्ता आसानी से तुलना कर सकते हैं। रितेश कुमार सोनी इस सुविधा का उपयोग कर ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाते हैं। वे अनावश्यक लाइट और पंखे बंद रखते हैं तथा ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करते हैं। इससे उनके पूरे परिवार और बच्चों में बिजली बचाने की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।
जागरूक उपभोक्ता का सशक्त माध्यम बना मीटर
रितेश कुमार सोनी का मानना है कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली मापने का उपकरण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने वाला प्रभावी माध्यम है। वास्तविक समय में उपलब्ध जानकारी से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रख सकता है और अनावश्यक उपयोग कम कर सकता है। आने वाले समय में यह तकनीक ऊर्जा संरक्षण में उपभोक्ताओं की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।








