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सरगुजा के मैनपाट में प्रशासनिक अमले की कार्रवाई, शासकीय नर्सरी की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया।
पंकज शुक्ला/अंबिकापुर।
मैनपाट, जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है, में प्रशासनिक अमले ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय नर्सरी की 35 एकड़ भूमि से अवैध कब्जा हटाया है। मैनपाट के कुनिया गांव में 11 लोगों ने इस भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा था। बुधवार को सीतापुर के एसडीएम रवि राही के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने इन अवैध कब्जों को हटाते हुए वहां बनी बाउंड्रीवाल और चारदीवारी को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया।
यह भूमि विवाद विधानसभा चुनावों के दौरान भी एक प्रमुख मुद्दा बना था, और स्थानीय प्रशासन ने इस पर सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया था। इस अभियान के तहत, जिन व्यक्तियों ने शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा था, उन्हें पूर्व में नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कब्जा न हटाने पर बुधवार को प्रशासनिक अमले ने सख्त कदम उठाया और सभी अवैध कब्जों को हटा दिया गया।
एसडीएम रवि राही ने बताया कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कलेक्टर सरगुजा द्वारा फर्जी पट्टों को निरस्त करते हुए संबंधित भूमि को शासकीय मद में दर्ज किया गया है। मैनपाट क्षेत्र में हजारों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं, जिनमें गौचर मद की भूमि भी शामिल है। प्रशासन अब इन अवैध कब्जों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
सरगुजा जिला प्रशासन ने अब तक मैनपाट में 338 एकड़ भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया है। इसी तरह नर्मदपुर में भी कई एकड़ गौचर भूमि का फर्जी पट्टा बनाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।








