

दंतेवाड़ा।
आगामी दीपावली पर्व के मद्देनज़र खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। कलेक्टर के आदेशानुसार खाद्य विभाग द्वारा जिले के गीदम, दंतेवाड़ा, बचेली, किरंदुल, बारसूर, नकुलनार समेत विभिन्न क्षेत्रों में डेयरी प्रतिष्ठान, बेकरी फर्म, होटलों और किराना दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 114 सैंपल लिए गए, जिनमें मिठाइयां, नमकीन, दूध, दही, पनीर, आटा, बेसन, सूजी, तेल, घी, बूंदी, मैदा आदि शामिल थे।
छापेमारी के दौरान चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला द्वारा कुल 114 सैंपल लिए गए। इनमें से 8 सैंपल अमानक और 2 मिथ्याछाप पाए जाने पर तुरंत नष्ट करवा दिए गए। संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में गलती दोहराए जाने पर उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान 9 व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस दौरान विधान होटल से कलाकंद, दन्तेश्वरी राजस्थान स्वीट्स से नारियल बर्फी, पूनम होटल से खोवा, आदर्श किराना बचेली से सिल्वर कॉइन मैदा, और पवन स्वीट्स एण्ड नाश्ता सेंटर से खोवा समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर अब तक 5 व्यापारियों पर न्यायालय द्वारा 36,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। इसके अलावा बिना खाद्य लाइसेंस के व्यापार संचालित करने के 1 प्रकरण, अवमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थ ‘रसगुल्ला लूज’ के 1 प्रकरण और ‘पनीर’ के 1 प्रकरण सहित कुल 3 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे।
खाद्य विभाग द्वारा जिले में चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य दीपावली के मौके पर लोगों को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ मुहैया कराना है। अधिकारी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि किसी भी प्रकार की खाद्य मिलावट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





