- अडाणी समूह और केन्या सरकार के बीच समझौते के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने जोमो केन्याटा हवाई अड्डे पर रोका परिचालन।
केन्या।
बुधवार को केन्या के जोमो केन्याटा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अडाणी समूह के साथ हुए समझौते के विरोध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह समझौता अडाणी समूह को हवाई अड्डे के नवीनीकरण और संचालन के लिए 30 वर्षों का अनुबंध सौंपता है। हवाई अड्डा के नवीनीकरण के तहत एक नया रनवे और टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन इस कदम का “केन्या एयरपोर्ट वर्कर्स यूनियन” और अन्य नागरिक संगठन विरोध कर रहे हैं।
Adani – JKIA ukora deal. Kenyans tried their best to fight Ruto demonic greed during #OccupyJKIA 👇Raila Odinga hijacked a noble course & went to bed with the oppressor who is selling Kenya bei ya joini.
Adani will acquire JKIA through Airports infrastructure PLC. #RutoMustGo pic.twitter.com/mnL5hnNoQC
— Denis Maina (@denismaina_) September 3, 2024
प्रदर्शन के चलते हवाई अड्डे पर विमानों का परिचालन ठप हो गया, जिससे सैकड़ों यात्री फंसे रह गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस समझौते से स्थानीय कर्मचारियों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है और जो कर्मचारी रहेंगे, उनके लिए सेवा शर्तें बेहद खराब होंगी। “केन्या एयरपोर्ट वर्कर्स यूनियन” ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह के आने से स्थानीय नागरिकों के रोजगार छीने जाएंगे और नए कर्मचारियों पर असंवेदनशील नियम लागू किए जाएंगे।
‘केन्या एयरवेज’ ने हड़ताल के चलते विमानों के परिचालन में देरी और रद्दीकरण की आशंका जताई। पिछले सप्ताह हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने सरकार से बातचीत के चलते हड़ताल वापस ले ली थी, लेकिन वार्ता के विफल होने के बाद बुधवार को हड़ताल शुरू हो गई।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पिछले सप्ताह हवाई अड्डे पर अज्ञात लोगों को घूमते देखा गया था, जिनके बारे में संदेह है कि वे भारतीय कंपनी के अधिकारी थे। इस घटनाक्रम से विरोध और बढ़ गया कि समझौते को जल्द लागू करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, सोमवार को उच्च न्यायालय ने ‘लॉ सोसायटी’ और केन्या मानवाधिकार आयोग की याचिका पर सुनवाई करते हुए अस्थायी रूप से इस समझौते पर रोक लगा दी है।






