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सऊदी अरामको और एक्सॉनमोबिल समेत 6 बड़ी कंपनियों ने अप्रैल-जून तिमाही में रचा इतिहास
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भारत के साल 2026-27 के रक्षा बजट के बराबर पहुंची दिग्गज तेल कंपनियों की कुल कमाई
ईरान युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों और महंगाई में भारी उछाल आया है, लेकिन इस संकट के बीच वैश्विक तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। सऊदी अरामको, एक्सॉनमोबिल, शेवरॉन, शेल, टोटलएनर्जीज और बीपी ने अप्रैल-जून की तिमाही में मिलकर 81 अरब डॉलर यानी करीब 7 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।
मुनाफे की यह विशाल राशि भारत के साल 2026-27 के प्रस्तावित रक्षा बजट 6.81 लाख करोड़ रुपये के लगभग बराबर है। ऊंचे तेल भाव और रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा उठाकर इन बड़ी तेल कंपनियों ने कई साल का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया है।
सऊदी अरामको की सबसे ऊंची छलांग
इस अवधि में सबसे अधिक कमाई सऊदी अरामको ने की है, जिसका मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 44 प्रतिशत बढ़कर 32.69 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, एक्सॉनमोबिल ने 14.5 अरब डॉलर के साथ चार साल का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा दर्ज किया। शेवरॉन ने 12 अरब डॉलर की कमाई कर पिछले छह महीनों का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है।
दोगुनी हुई शेल और बीपी की कमाई
दिग्गज कंपनी शेल ने करीब 12 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। टोटलएनर्जीज के मुनाफे में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इसके पिछले तीन साल का सबसे बेहतर प्रदर्शन है। ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) ने भी 5.73 अरब डॉलर का लाभ कमाया, जो एक साल पहले की तुलना में दोगुना से ज्यादा है।
जानिए क्यों लगी मुनाफे की लॉटरी
एक रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का डर पैदा हो गया। इसके चलते अप्रैल-जून के दौरान ब्रेंट क्रूड का औसत भाव 23 प्रतिशत बढ़कर 96.68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल महंगा होने से कई देशों में पेट्रोल-डीजल, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा का सामान महंगा हो गया, जिसका सीधा लाभ इन कंपनियों की झोली में गया।









