रायपुर (सत्यानंद सोई)।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सदस्यगण श्रीमती सरला कोसरिया, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका शोरी की उपस्थिति में आज रायपुर में महिला उत्पीड़न और अन्य संबंधित मामलों पर सुनवाई हुई। इस दौरान आयोग ने कई मामलों में त्वरित फैसले दिए और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर कदम उठाए।

महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार मामला
रायपुर में एक महिला पत्रकार ने सी.एस.पी. रायपुर और एक थाना प्रभारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। महिला पत्रकार ने आयोग को बताया कि अनावेदक ने उसे गालियाँ दीं और पत्रकार शब्द हटाने के लिए धमकाया। इस मामले में महिला आयोग ने आदेश दिया कि पुलिस अधीक्षक रायपुर से अनावेदक को तलब किया जाए। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्याय की प्रक्रिया को शीघ्रता से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
1 लाख रुपये की ठगी
एक अन्य मामले में आवेदिका ने शिकायत की कि अनावेदक ने 1 लाख रुपये की ठगी की थी। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक ने 2018 में एक इकरारनामा पर हस्ताक्षर करवाए थे जिसमें उसने रकम लौटाने का वादा किया था। लेकिन आज तक रुपये वापस नहीं किए गए। सुनवाई के दौरान अनावेदक ने स्वीकार किया कि उसने आवेदिका से पैसे लिए थे और धोखाधड़ी की। आयोग ने आवेदिका को यह निर्देश दिया कि वह इस मामले को दीवानी और अपराधिक मामला बनाकर थाने और न्यायालय में दर्ज करवाए।
ई-रिक्शा की बैटरी मामले में आदेश
एक महिला ने शिकायत की कि उसने एक शो-रूम से ई-रिक्शा खरीदी थी, लेकिन बैटरी खराब होने के बाद उसे नई बैटरी नहीं दी गई। महिला ने बताया कि वह रोजगार से जुड़ी हुई थी और बैटरी खराब होने के कारण उसकी कमाई बंद हो गई थी। इसके अलावा, गाड़ी की बैटरी के गारंटी कार्ड में दूसरे व्यक्ति का नाम था, जिससे अनावेदक की गलत मानसिकता का संकेत मिलता है। आयोग ने इस मामले में अनावेदक को आदेश दिया कि वह एक माह के भीतर नई बैटरी और आर.टी.ओ. की राशि आवेदिका को दिलवाए।
घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा
एक और मामले में, एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने उसे बिना तलाक के दूसरी महिला के साथ रखा है। आयोग ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अनावेदक को कान पकड़कर माफी मांगने का निर्देश दिया। साथ ही, आयोग ने दूसरी महिला को सुरक्षा प्रदान करने के लिए और सुधारने के उद्देश्य से उसे 2 माह के लिए नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया।
महिला आयोग का दिशा निर्देश
महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने इन सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिला आयोग हमेशा महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के प्रयासों से अब महिलाएं किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठा सकती हैं और उन्हें न्याय मिलेगा।
आयोग ने पुलिस प्रशासन से भी मामले में तेजी से कार्रवाई की उम्मीद जताई और कहा कि महिलाएं अब किसी भी प्रकार की हिंसा या अन्याय के खिलाफ बिना डर के कदम उठा सकती हैं।







